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Dr. Vipul Kumar Bhawalia

Abstract

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Dr. Vipul Kumar Bhawalia

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सैनिक

सैनिक

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मेरे देश का प्रहरी सैनिक जो हर वक्त खड़ा रहता है,

सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखता है।

ना सोता है, ना थकता है, केवल सीमाओं पर डटता है,

अपनी इन्हीं अदाओं से दुश्मनों की नाक में दम रखता है।।


चाहे बर्फीली घाटिया हो या हो रेगिस्तान,

चाहे आँधी हो या फिर हो तूफान।

हर परिस्थिति में डटा रहता है,

 वो मेरे देश का जवान।।


वह अंतिम क्षण तक डटता है,

ना पीछे वो हटता है।

चाहे पीछे बूढी माँ, जवान बहन या हो नई दुल्हन,

 फिर भी दिल में देश बसता है।।


अगर वह शहीद हो जाता है,

उससे पहले दुश्मनों के नानी याद दिला देता है।

सौ-सौ को गहरी नींद सुला देता है,

 दुश्मनों को हिला देता है।।


मुझे बड़ा दुख होता है,

जब क्रिकेट के खिलाड़ी पर करोड़ों लुटा देते हो।

मेरे देश का सैनिक शहीद होने पर,

चंद लाखों में ही निपटा देते हो।।


 अब मैं व्यवस्था पर सवाल उठता हूँ,

क्या हर सैनिक को बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं दे सकते हो।

 यूं ही हर युद्ध में हजारों सैनिक शहीद करवा देते हो,

 क्या जंग लगे हथियारों की बजाय न्यू टेक्नो हथियार नहीं दे सकते हो।।


फिर अंत में मैं सरकार को समाधान बताता हूं:-

प्राचीन भारत के भस्म करने वाले मंत्रों को,

 क्यों न उन दुश्मन सैनिकों पर आजमाया जाए।

उन मंत्रों के एक्सपोर्टों को एक लाइन में एलओसी पर बिठाया जाए,

सभी दुश्मनों को भस्म करवाया जाए।।


अंत में-

 जिससे मेरे देश के सैनिकों की माता, बहने, पत्नी के आँखों में,

 जिंदगी भर आंसू न आ पाए, ना सैनिक शहीद हो पाए।

 प्रिय देशवासियों यह बात तो सरकार तक पहुँचा दो,

जिससे कि हमें एक भी युद्ध की नौबत ना आए।।


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