STORYMIRROR

sunayana dogra

Abstract

3  

sunayana dogra

Abstract

रेशम का धागा

रेशम का धागा

1 min
473

इंद्रधनुश के सात रंगों में

बुनकर लाई हूँ मैं राखी।


चुन-शुन कलियाँ बागीचे से

सजाई है मैंने राखी।


वीरा मेरा सलामत रहे,

दुआ यह हर चौखट पर

माँग कर लाई हूँ मैं राखी।


रेशम का धागा हैं कच्चा

पर प्यार मेरे वीरा का सच्चा,


बांधा जब कलाई पर वीरा की तब

हो गया धागा पक्का


चाँद से चाँदनी, सूरज से लाली

लेकर मैं आई हूँ वीरा तेरी राखी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract