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Dr. Rajvardhan Deshmukh

Abstract

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Dr. Rajvardhan Deshmukh

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प्रेरक महिलाएँ

प्रेरक महिलाएँ

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 जिंदगी में महिलाएँ प्रेरक अनेक

माँ है उनमें सबसे पहले एक


माँ ने नौ महीने कोख में संभाला 

अपने ममता का दूध पिलाया


माँ न होती तो जिन्दगी न होती

माँ की दुआएँ जीवन की साथी


दुसरी प्रेरक महिला बहन का साथ

सिखायी पढ़ने लिखने की बात  


तीसरी प्रेरक महिला सखियाँ मेरी

दोस्ती की नींव बनाती थी भारी


चौथी प्रेरक महिला पत्नी मेरी

सुख दुःख मुझे है साथ तेरी  


महिला के बिना जीवन है अधुरा 

माँ, बहन, सखी, पत्नी चलाती संसार सारा।


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