नहीं होंगे कामयाब
नहीं होंगे कामयाब
नहीं होंगे कामयाब
नहीं होंगे कामयाब
नहीं होंगे कामयाब,किसी भी दिन
है नफरत चारो और,हिंसा चारो और
कैसे होंगे कामयाब किसी भी दिन।
होती है दरिंदगी
होती है दरिंदगी
होती है दरिंदगी,हर दिन
है डर चारो और,है भय चारो और
कैसे होंगे कामयाब किसी भी दिन।
सब प्यासे खून के
सब प्यासे खून के
जीवन ही नहीं है अब, नफरत के बिन
है दंगे चारो और,हिंसा चारो और
कैसे होंगे कामयाब किसी भी दिन।
