STORYMIRROR

Rama Rathi

Abstract Inspirational

4  

Rama Rathi

Abstract Inspirational

मन की बात

मन की बात

1 min
23.5K

कोरोना को हराएगा इंडिया

फ़िर से मुस्कुराएगा इंडिया

माना अभी सड़कों पर विरानी है छाई

माना अभी खेतों में बहार नहीं आई 


माना रेल अभी पटरियों पर नहीं

दौड़ती माना दादी नानी के घर में

बच्चों की मस्ती नहीं गूंजती 

माना मुंबई मायानगरी अभी थम सी गई है 


माना दिल्ली के चांदनी चौक

में बर्फ जम सी गई है 

सब्र करो दोस्तों फिर से शिमला

मनाली में पहाड़ों पर बाहर आएगी


फिर से पटरियों पर रेल खड़खाएंगी

फिर से खेतों में गेहूंं की फसल मुस्कुराएंगी

सड़कों पर फिर से हम

सहेलियां स्कूटी दौडाएंगी


होटलों में किटी पार्टी का मजा उठाएंगे

गेम्स खेलेंगे खूब गप्पे लड़ाएंगे

तो साथियों बुझने ना देना उम्मीद का दिया 

फिर मुस्कुराएगा इंडिया

कोरोना को हराएगा इंडिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Rama Rathi

Similar hindi poem from Abstract