मजबूर दिल
मजबूर दिल
मजबूर है ये दिल
एक तरफ रिश्ते की डोरी
एक तरफ मंजिल
कभी मंजिल की और
कभी रिश्ते की खातिर
भागना है मुश्किल
मजबूर है ये दिल !
आसान नहीं ये जिंदगी जीना
हर मुश्किल को गले लगाना
कभी सुख का साथ
कभी गम का साया
और दुःख के घने बादल
फिर भी मजबूर है ये दिल !
टूटे सपने उजड़ा अतीत
सब मिलकर लिखते हैं भबिष्य
जो है अनदेखा पर अनमोल
फिर भी हज़ारूं ख्वाइशों
भर देते हैं आँचल
क्यों की मजबूर है ये दिल !
