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Akansha Kumari

Inspirational

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Akansha Kumari

Inspirational

मेरी माँ

मेरी माँ

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हम एक शब्द हैं तो वह पूरी भाषा है

हम कुंठित हैं तो वह एक अभिलाषा है

बस यही माँ की परिभाषा है.

हम समुंदर का है तेज तो वह झरनों का निर्मल स्वर है

हम एक शूल है तो वह सहस्त्र ढाल प्रखर

हम दुनिया के हैं अंग, वह उसकी अनुक्रमणिका है

हम पत्थर की हैं संग वह कंचन की कृनीका है

हम बकवास हैं वह भाषण है हम सरकार हैं वह शासन है

हम लव कुश है वह सीता है, हम छंद हैं वह कविता है.

हम राजा हैं वह राज है, हम मस्तक हैं वह ताज है

वही सरस्वती का उद्गम है रणचंडी और नासा है.

हम एक शब्द हैं तो वह पूरी भाषा है.

बस यही माँ की परिभाषा है.


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