STORYMIRROR

Kavya Jain

Abstract

4  

Kavya Jain

Abstract

मैं मुसलमान हूं तेरा

मैं मुसलमान हूं तेरा

1 min
588

तू हिंदी सी पवित्र

मै उर्दू सा पाक

तू मेरी नमाज़ों की दुआ

मैं तेरे पूजा का पाठ

तू मेरी तहजीब के जैसी

मै तेरे संस्कार जैसा

तू मेरे गुरूर की तरह

मैं तेरे अहंकार जैसा

तू गले में ताबीज़ सा मेरी

मैं हाथ में कलावा सा तेरे

तू खुदा से फरियाद है मेरी

मैं भगवान से प्रार्थना सा तेरे

तू मुकम्मल ज़मीन है मेरी

मैं पूरा आकाश हूं तेरा

तू ख्याल है निकाह का मेरे

मैं सपना हूं फेरों का तेरा

तू मुहब्बत है मेरी

मै प्रेम हूं तेरा

तू हिन्दू है मेरी

मै मुसलमान हूं तेरा


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract