मां
मां
तेरा मुखड़ा देखकर मुझे सुकुन मिलता है,
न जाने तू क्यु मुझे इतनी प्यारी लगती है।
न दिन देखती है न रात देखती है,
न जाने तू क्यों मेरा इतना ख्याल रखती है।
मेरी हर ख्वाहिश को अपना बनाती है,
न जाने तू क्यूं मेरे लिए इतने सपने देखती है।
मुझे जो एक खरोंच आ जाए तो आसमान सर पे उठा लेती है,
न जाने तू क्यूं मेरे लिए इतना सोचती रहती है।
परिवार के लिए तू कुछ ना कुछ करती रहती है,
न जाने तू क्यूं सबके लिए इतना बलिदान करती है।
