Vipul Borisa
Inspirational
अगर देखा जाये तो
जिंदगी रिश्तों की झप्पी है।
गौर से देखा जाये तो
ये यादों की थप्पी है।
महसूस करने का तरीका
हर किसी का होता हे अलग।
किसी के लिये मीठी तो किसी के
लिये कड़वी ये पप्पी है।
होली
जवानी
खुद्दारी
आज़ादी -74
स्वतंत्रता
आज़ादी
सलीका
बचपन
जिंदगी
हाल
रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर. रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर.
चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या? चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या?
देने से घटता नहीं, बढ़ता है दिन-रात। विद्या-धन संसार में , बाँट सके नहि भ्रात।। देने से घटता नहीं, बढ़ता है दिन-रात। विद्या-धन संसार में , बाँट सके नहि भ्रात...
जीवन क्या है भूल भुलैया,या कर्मों का नाता है। जीवन क्या है भूल भुलैया,या कर्मों का नाता है।
भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्रणाम है। भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्र...
पानी है धरती की जान, बिन पानी धरती बेजान पानी सभी गुणों की खान, पानी से धरती पर इंसान पानी है धरती की जान, बिन पानी धरती बेजान पानी सभी गुणों की खान, पानी से धरती...
यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है. यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है.
यह धरती कबीर तुलसी रसखान की आओ देखे झाँकी हिंदुस्तान की । यह धरती कबीर तुलसी रसखान की आओ देखे झाँकी हिंदुस्तान की ।
देख तू बता ज़रा, निर्बल तू किस प्रकार है। आरंभ है निर्माण का, जीवन का तू आधार है।। देख तू बता ज़रा, निर्बल तू किस प्रकार है। आरंभ है निर्माण का, जीवन का तू आधार...
सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी। सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी।
शत् शत् प्रणिपात है जन्मदात्री माता करुणामयी पालनहार तुम्हीं हो माता। शत् शत् प्रणिपात है जन्मदात्री माता करुणामयी पालनहार तुम्हीं हो माता।
वक्त के अनन्त बहाव में, जीवन के अविरल प्रवाह में, कभी डग भरके पगडंडियों पर. वक्त के अनन्त बहाव में, जीवन के अविरल प्रवाह में, कभी डग भरके पगडंडियों पर...
कलह क्लेश की दुनिया, किसके मन को भाती लड़ते लड़ते आत्माएं, देखो कितना थक जाती। कलह क्लेश की दुनिया, किसके मन को भाती लड़ते लड़ते आत्माएं, देखो कितना थक जाती।
कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है. कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है.
सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा । सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा ।
अभी सृजन के गीत बचे हैं! अभी मधुर संगीत बचे हैं! अभी सृजन के गीत बचे हैं! अभी मधुर संगीत बचे हैं!
पहले इस संसार में सब अपने स्तर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास भी करते हैं। पहले इस संसार में सब अपने स्तर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास भी करते हैं।
भारत है विविधताओं का देश। अनेकता में एकता का देता सबको संदेश। भारत है विविधताओं का देश। अनेकता में एकता का देता सबको संदेश।
माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना । माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना ।
उन लम्हों की बात न छेड़ो पीर बहुत बढ़ जाती है । उन लम्हों की बात न छेड़ो पीर बहुत बढ़ जाती है ।