सोचे जो नयी नज़र से, वो हमें ख्याल नहीं मिलते...! सोचे जो नयी नज़र से, वो हमें ख्याल नहीं मिलते...!
ख़्वाबों की दुनिया का कविता के रूप में एक खूबसूरत वर्णन... ख़्वाबों की दुनिया का कविता के रूप में एक खूबसूरत वर्णन...
अब आ भी जाओ हृदयवर, विवशता जान पर आयी है। अब आ भी जाओ हृदयवर, विवशता जान पर आयी है।
ना होगी वो बुरी रखी जो रब पर सबुरी, ना होगी रात अकेली। ना होगी वो बुरी रखी जो रब पर सबुरी, ना होगी रात अकेली।
रतजगे कई न्योछावर मुस्करा कर किए हैं मैंने। रतजगे कई न्योछावर मुस्करा कर किए हैं मैंने।
जानता हूँ, तुमसे मिलना अब मुमकिन नहीं फिर भी ख़याली पुलाव पकाने में क्या जाता है! आओ, थोड़ा सा तुम भी ... जानता हूँ, तुमसे मिलना अब मुमकिन नहीं फिर भी ख़याली पुलाव पकाने में क्या जाता है!...