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Raj Kumar

Inspirational

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Raj Kumar

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दिल की भड़ास

दिल की भड़ास

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ओ मेरे दिल, क्यों है ऐसी सदा, तारतम्य धुन छेडता?

जब नही पूछता कोई, तो अपनी डपली जरा धीमी बजा

याद रख हर कोई व्यस्त है, तो किसी के कानों को क्यों फोडता, 

सब्र कर इस छोटे जीवन मॆं, कुछ थोडा विचार कर,

व्यर्थ का दुखडा रोने में, यूं ही जीवन को न बर्बाद कर,

कर प्रसन्नचित्त ह्रदय अपना, व्यर्थ न यूंही, जीवन गंवा

दिल के दर्द को, व्यक्त कर, कर दे अपनी पीड़ा बयां।

फुर्सत के पलों का ब॔दे, हो सके, कुछ सार्थक प्रयास 

इसलिए तो, दिल की निकाल फेंक, आज सारी भड़ास। 



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