STORYMIRROR

Sudhir Srivastava

Abstract

4  

Sudhir Srivastava

Abstract

बीत गई सो बात गई

बीत गई सो बात गई

1 min
185


न शोक करो

न खुशफहमी पालो,

जो बीत गई,वो बात गई

अब वो इतिहास हो गई।

वो कहावत तो सुनी है न

रात गई ,बात गई

सो अब वर्तमान में लौटिए,

अब आज कुछ कीजिए

अंतर्मन में झांकिए

भविष्य का विचार कीजिए,

बीते कल के 

अच्छे बुरे के चक्कर में

आने वाला कल 

न खराब कीजिए।

बीता कल अच्छा नहीं था

तो भी कोई बात नहीं,

आने वाले कल को तो

सुधार लीजिये,

बीता कल अच्छा था तो भी

आने वाले कल को

और भी अच्छे साँचे में 

ढालने का इंतजाम 

आज से नहीं अभी से ही

शुरु कीजिए।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract