STORYMIRROR

Archana Tiwari

Inspirational

4  

Archana Tiwari

Inspirational

भोर का चाँद

भोर का चाँद

1 min
23.2K

अधिक देर तक नहीं दिखता 

फिर भी उग आता है भोर में


शायद वह जानता है 

कि इस पर उसका वश नहीं है

वश है तो केवल चलते रहने पर


वह जानता है

कि दिन में उसका अस्तित्व बेशक ना हो

पर रात पर तो उसी का एकाधिकार है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational