अजन्मी बेटी की पुकार
अजन्मी बेटी की पुकार
माँ मुझको मत मारो,माँ मुझको मत मारो।
मैं अजन्मी अबला बाला हूँ, कुछ तो दया विचारो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—--1
खूब समझती हूँ मैं मैया, तुम चाहती हो प्यारा भैया।
समझ अभागिन मुझे न यूँ, कचरे के ढेर में डारो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—--2
मैं भी तेरा नाम करूँगी,नील गगन तक पाँव धरूँगी।
बेटी जान मुझे ना मेरा, तुम अस्तित्व नकारो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—-3
माँ मैं भी जीना चाहती हूँ,अमृत पय पीना चाहती हूँ।
समदर्शी बन तुम, बेटी में बेटा रूप निहारो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—--4
माँ!जो सृष्टि की साधक हो,जन्म में उसके क्यों बाधक हो।
मुझको भी तुम एक बार, धरती पर जरा उतारो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—-5
माँ ,बेटी, भाभी, भगिनी भी, मैं ही हूँ कहलाती।
मेरे बिना सृष्टि ब्रह्मा की , नहीं आगे बढ़ पाती।
नारी शक्ति को माँ नारीबन, तुम सब ओर पुकारो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—---6
लक्ष्मी,सरस्वती, दुर्गा बन, मैं ही धरती पर आई।
माँ बिन नहीं कोई इस जग में, पिता, पुत्र,पति, भाई।
निर्विकार विनती है बाबुल, ना माँ की कोख उजाड़ो।
माँ मुझको मत मारो, माँ मुझको मत मारो।—--7
