STORYMIRROR

Richa Kaul

Inspirational

4  

Richa Kaul

Inspirational

शिक्षक

शिक्षक

1 min
329

अभी भी शिक्षक है यहाँ

ईमानदारी उन्हीं से है जहान

द्रोणाचार्य की मिसाल से कहीं ऊपर

तराश रहे एकल्वयो को ढूंढ ढूंढ कर

संदीपनी आश्रम तो अभी भी यहाँ

कृष्ण तो स्वनिर्मित आश्रम तो जहाँ तहाँ

एकल्वयो की प्रधानता है आज

ज्ञान का भंडार यहाँ

नहीं द्रोण का मोहताज

एकल्वय आज है सरताज

शिक्षक और सिक्कों का नहीं कोई नाता

ज्ञान दाता है सुदामा से उसका नाता

खुले बाजार जो शिक्षा दिखती

वो शिक्षा नहीं दोस्तों तिजारत है दिखती

शिक्षक बेबस कभी न था

अपनी व्यथा का उसे कभी गम न था

जहाँ शारदा का वास हो

लक्ष्मी चंचला का कैसे ठहराव हो

सच्चरित्र जो आज है नज़र आता

वो महान शिक्षकों का समर्पण है याद आता

राष्ट्रोन्नति का एक पायदान है शिक्षक

हमारी तुम्हारी एक एक अच्छाई है शिक्षक

बड़े से बड़े शख्सियत की बुनियाद है शिक्षक

स्वयं जल जाता है वो एक दिये की तरह

अनेकों जीवन रौशन करते हुए, हमेशा मुस्कुराता है शिक्षक


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational