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minni mishra

Children Stories Tragedy Inspirational

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minni mishra

Children Stories Tragedy Inspirational

बच्चों की पिटाई

बच्चों की पिटाई

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बाबा ने बेटे का हाथ पकड़ लिया, "मत मारो मेरे पोते को।""ऐसा क्यों? आपने शुरू से मुझे यही सिखलाया कि बच्चो को कड़ाई से रखो, जरूरत हो तो दो चार लपपड़- थप्पड़ भी लगाओ, नहीं तो हाथ से निकल जाएगा, फिर कहीं मुँह दिखाने के लायक नहीं रहोगे। पर आज रोक क्यों रहे हो ?"बेटे ने पिता को दो टुक जवाब दिया।

हाँ, बेटा मेरा सोच गलत था, मैंने तुझे बचपन में बहुत पीटा था,इसीलिए देखो, बुढ़ापे में मेरा हाथ कितना काँप रहा है ! कहीं बुढापे में तुम्हारा हाथ भी न काँपने लगे, मुझे चिंता इस बात की है।"


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