नये कृषि कानून से उनकी वापसी के आंदोलन तक नये कृषि कानून से उनकी वापसी के आंदोलन तक
संविधान का जर्जर तन मैं, अंधों को दिखलाता हूँ। बहरों की बस्ती में पीड़ा, लोकतंत्र की गाता हूँ।... संविधान का जर्जर तन मैं, अंधों को दिखलाता हूँ। बहरों की बस्ती में पीड़ा, लोकतंत्र...
सब भैया मिल, दिवारी गाहें सब भैया मिल, दिवारी गाहें
दूसरों का ख्याल रखना हम समझें आजादी का हम महत्व भी समझें हमारी आजादी बंधन न बने किसी दूसरों का ख्याल रखना हम समझें आजादी का हम महत्व भी समझें हमारी आजादी बंधन ...
जरूरत पड़ी तो हर भारतीय दुश्मन को मार गिरायेगा अपने मुल्क का गौरव नीचे नहीं झुकायेगा। जरूरत पड़ी तो हर भारतीय दुश्मन को मार गिरायेगा अपने मुल्क का गौरव नीचे नहीं ...
वानप्रस्थ और संन्यास। वानप्रस्थ और संन्यास।