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कल्पना भेदभाव समक्ष कर्म भटका मैंने ईश्वर को देखा प्रत्यक्ष अंतर्मन नमन धर्म बिखराव प्रसन्न कलम सद्भाव प्रियतम जीवन मन हिमालय जिज्ञासा प्रमाण देश हर्ष

Hindi प्रत्यक्ष Poems