मत समझो की आवाज़ छोड़ गई मुझे मत समझो की आवाज़ छोड़ गई मुझे
रिसीवर की मदद से ये पहुंची विद्युत तरंगें, ध्वनि तरंगों में बदल अन्य छोर पर सुनी जाती रिसीवर की मदद से ये पहुंची विद्युत तरंगें, ध्वनि तरंगों में बदल अन्य छोर पर स...
प्रकृति छलकाती अपना सौंदर्य समेटे सब अपने ह्रदय में। प्रकृति छलकाती अपना सौंदर्य समेटे सब अपने ह्रदय में।
बहता हूँ मैं उन्मुक्त! जैसे बहता सलिल कोई बहता हूँ मैं उन्मुक्त! जैसे बहता सलिल कोई
उमड़ा हुजूम फ़रियाद का उमड़ा हुजूम उस आस का उमड़ा हुजूम फ़रियाद का उमड़ा हुजूम उस आस का
एक कविता लिखी थी मैंने जो तेरे ख्वाबों और ख्यालों से लबरेज़ थी एक कविता लिखी थी मैंने जो तेरे ख्वाबों और ख्यालों से लबरेज़ थी