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Ashwin Pal

Abstract

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Ashwin Pal

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सैनिक

सैनिक

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वो घुस जाते आकर हमारी धरती में

कर देते लाहु लुहान सारे वतन को

बच ना पाता कोई यहाँ पर

अगर सैनिक ना होते तो कौन बचाता हमको..


नक्सली हो या हो आतंकी

दोनों ही करते घुसपैठ यहाँ पर

मगर नाक़ाम करते हैं जवान हमारे

अगर सैनिक ना होते तो कौन बचाता हमको..


कोई नज़र उठाकर देखे मेरे वतन को

चाहे फिर जल थल और आसमां भी हो

शौर्य देखेंगी यह दुनियां सारी

अगर सैनिक ना होते तो कौन बचाता हमको..


पाकिस्तान अरसों से कर रहा तैयारी

उनके हर सधियांत्र पर सेना फेर रही पानी

जवाब में चाहे सर्जिकल हो या एयर-स्ट्राइक

अगर सैनिक ना होते तो कौन बचाता हमको..


देखकर शौर्य को हमारे नही मान रहा अब चीनी भाई

कर दी गलती हमारे लद्दाख़ में घुस के

अब पछता रहा हैं बैठ के

कर दी गलती पाकिस्तान की देखा देखी करके

अगर सैनिक ना होते तो कौन बचाता हमको..


जो देश को बचाने के लिए घर परिवार त्याग दे

अपने वतन की धरती को माँ मान ले

बिना जान की परवाह किये देश के

वीरगति को प्राप्त हो जाये, सोचो

अगर सैनिक ना होते तो फिर कौन बचाता हमको।


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