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Mukesh Tihal

Others Children

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Mukesh Tihal

Others Children

प्यार का बुख़ार

प्यार का बुख़ार

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स्कूल लाइफ के दिनों में

वैलेंटाइन के वीक में

टीचरस ने पहना भगवा चौला

बन बजरंग दल शिव सेना

क्या ख़ूब बच्चों का बैग टटोला

किसी को मिला छोटा खिलौना

चॉकलेट डे पर क्या ये सब था होना

क्योंकि छाया है सब पर नया - नया ख़ुमार

उतारना है बच्चों तुम्हारा प्यार का बुखार


किसी की बुक में ख़त मिला

जिसे देख टीचर्स का दिमाग हिला

पढ़ने लगे वो एक - एक शब्द

पर ना उसमें कुछ ऐसा वैसा निकला

समझो इस बात को गुरुओं

हर लिखने वाला ना होता मनचला

उसने उतारा होगा अपने जज्बातों को

शायद शक की बुनियाद में ये सब हो चला

क्योंकि हर बच्चे को प्यार का बुखार नहीं होता


ये कहां की आप लोगों की है समझदारी

लग गई हो जैसे कोई गहरी दिमागी बीमारी

सुबह से की है जो हम बच्चों पर मारा - मारी

क्यों हो गये हम मासूमों पर इतने अत्याचारी

स्कूल लाइफ में आप भी हुये होंगे ऐसे शिकारी

इसलिये तो नहीं समझ आ रही हमारी लाचारी

जो सब पैंतरे आजमा हम पर मिटा रहे ख़ुमारी

बच्चे हम नादान है मत बनाओ ऐसे ही भिखारी

इस प्यार के बुखार में जान चली जायेगी हमारी


क्या उत्तर कोरिया में हमने है जन्म लिया

जहां तानाशाह ने लोगों को कैद है किया

क्यों साइंटिफिक तरीके से नहीं बताया

प्यार इमोशंस का खेल दिल से जाता जताया

जिंदगी में किस्मत से ही सच्चा प्यार हो पाया

कोई पा गया परम सिद्धि जिसने इसे आजमाया

इसमें होता नहीं कुछ गर्क क्यों झूठा आरोप लगाया

बस चाहता हूँ मैं मीरा - राधा सा क्यों नहीं बनाया

जिन्होंने प्यार का बुखार का मतलब हमें ढंग से बताया



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