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Aryan Dev

Abstract

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Aryan Dev

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मेरा देश बदल रहा है

मेरा देश बदल रहा है

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पग-पग धरती सुलग रही है

अम्बर आकाश जल रहा है

ध्यान से देखो देशवासियों

मेरा देश बदल रहा है

 

होती थी जिस देश में पूजा राम की

बनती थी सेवइयां ईद के कलाम की

करते थे इज्जत गुरु की वाणी की

मानते थे महिमा ईश्वर के हर नाम की

 

दूर कहीं वो हिंदुस्तान रोता बिलख रहा है

मेरा देश जल रहा है, क्यूंकि मेरा देश बदल रहा है

 

कि उठ जाग मुसाफिर भोर भाई

किन देर आँख मूँद सोयेगा

कान खोल के सुन सोने वाले

तेरा ज़मीर बुलाता होयेगा

 

धनवान यहाँ सफल हैं 

ढोंगी यहाँ अटल हैं

लोभी यहाँ प्रबल हैं

फिर क्यों जुबान तुम्हारी निश्चल है?

 

गरीबी भुकमरी के बारे में कोई नहीं करता बात

मजहब और जात-पात का जूनून छाया है अकस्मात

Facebook twitter पर तो हर रोज ज्ञान दिखाया है

कभी किसी बेघर गरीब मजलूम को भी गले लगाया है?

 

धीरे धीरे सब राह भूल रहे हैं

मासूमों की चीखो से ये बेहरे बन रहे हैं

ध्यान से देखो देशवासियों,

हमारा देश बदल रहा है

 

हिन्दू राष्ट्र सदा अपनी आन के साथ

हर मजहब हर आस्था को साथ लेकर चला है

दूसरों को कमजोर करके

आजतक कौन सफल रहा है?

अरे अपने ही खुदा को गली देकर,

आजतक कौन कामयाब बना है

होता है इंसान गलत 

आखिर भगवान ने कब क़त्ल किया है?

 

जिसके दिल में है शैतान

वो भगवा वस्त्र पहनकर चला है

खोदी है जिसने दूसरों के लिए कबर

वो एक दिन खुद ही उस दड़बे में गिर पड़ा है

 

ध्यान से देखो तो गूंगी भेड़ों की एक फ़ौज मिलेगी

बस जगाना मत इन्हें, नींद जरा गहरी है

क्यूंकि चादर तान के इनका जमीर सो रहा है

श्श्श्श... मेरा देश सो रहा है।


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