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Dangar Shital

Abstract

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Dangar Shital

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जीवन _मृत्यु।

जीवन _मृत्यु।

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जीवन का सत्य अटल एक दिन मिट जाना है,

रिश्ते नाते सब एक दिन यही छूट जाना है।


क्या अपना क्या पराया क्यों सोचता है बंदे,

खाली हाथ आए, खाली हाथ ही उठ जाना है।


क्यों होता है दौलत और शोहरत का रौब तुझे,

एक दिन हाथो से सब कुछ ही लूट जाना है।


मोह के बंधन है जबतक जीवन का सच,

मृत्यु ही शाश्वत सत्य बाकी झूठ जाना है।


जिंदगी है अनमोल हर पल हसी खुशी से जी,

कठिन जीवन को जैसे हो कालकूट जाना है।


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