इस श्रावण की राखी
इस श्रावण की राखी
इस श्रावण की राखी
कुछ नया रंग लाई है
बहन की तरस रही निगाहें
भाई की यादों में वह छाई है
मिष्ठानों की वह गालिया
मौन सी हो चली है
मिश्री सी मीठी सुगंध
अब घरों से आ रही है
इस श्रावण की राखी
कुछ नया सिखा रही है।
चमकते राखी में जड़े सितारे
दिल लुभाने से परे हैं
कलाई में सजते आ रहे थे
आज दुकानों में दुर्लभ हैं
इस श्रावण की राखी
नया बदलाव लायी है।
पूजा का वह रंगीन धागा
सब के दिलो को मोह चला है
रक्षा सूत्र हो कोई इससे अच्छा
यह कहने का एक बहाना है
इस श्रावण की राखी
नया सूत्र लायी है।
दुवाएँ दिलों से बह चली है
भावनाएँ ग़मगीन हो गयी है
एक दूजे की सलामती की खातिर
भाई बहन नें दूरियाँ की है
इस श्रावण की राखी
जुदाई में प्यार लाई है।
