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Akash Kumar

Abstract Inspirational

4  

Akash Kumar

Abstract Inspirational

चित्र से चरित्र

चित्र से चरित्र

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ये चित्र भी विचित्र है,

ये दिखा रहा चरित्र है


मैं श्याम भी, हूँ श्वेत भी

कठोर भी मैं और रेत भी


मैं शून्य भी, हूँ अनंत भी

चोर भी मैं और संत भी


मैं गीत भी, हूँ विलाप भी

शीत भी मैं और ताप भी


मैं सूक्ष्म भी, हूँ विराट भी

दीन भी मैं और सम्राट भी


मैं तेज भी, हूँ अंधकार भी

रहस्य भी मैं और आविष्कार भी


ये चित्र भी विचित्र है,

ये दिखा रहा चरित्र है ।             


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