घमंडी विद्यार्थी
घमंडी विद्यार्थी
मनोज नाम का एक विद्यार्थी था जो पढ़ने में बहुत तेज था । वह बहुत सारे तथा साटिफिकेट भी पाया हुआ था । वह उस स्कूल का टॉपर विद्यार्थी था, जब भी compatition होता तो वही प्रथम स्थान आता था । वह एक दिन स्कूल में जा रहा था तभी उसे एक व्यक्ति मिला जिसके पैरो में चोट लगी हुई थी उस व्यक्ति ने मनोज से कहा बेटा तुम जरा मुझे हॉस्पिटल
में पहुंचा दो मनोज हंसते हुए व्यक्ति से कहता है तुम्हे
हॉस्पिटल की इस्पेलिंग भी आती है मुझे देखो स्कूल
में हर साल टॉप करता हु । यह कहकर हंसते हुए वह
चला गया उधर से ही एक व्यक्ति आ रहा था जो अपने भाई का उसी स्कूल में एडमिशन करवाने जा रहा था । तभी उस व्यक्ति का नजर उस पर पड़ती है जिसके
पैरो में चोट लगी हुई थी। वह तुरंत उस व्यक्ति को हॉस्पिटल ले जाता है । और उनकी इलाज करा कर
आपने भाई का एडमिशन करवाने जाता है ।
जिसका नाम चंद्र शेखर था ।दूसरे दिन चंद्र शेखर स्कूल में जाता है तभी मनोज चंद्र शेखर से कहता की
तुम मुझसे कंपेटिशन करोगे चंद्र शेखर कहता है ।
नही मनोज कहता है मुझसे जितने वाला अभी पैदा नहीं हुआ है तुम भी डर गए । तभी चंद्र शेखर कहता है मैं कंपटीशन करने के लिए तैयार हू जब दूसरे दिन कंपटीशन होता तो सब देख कर अछमभित रह जाते मनोज को हारा देख कर क्युकी वह आपने ज्ञान पर घमंड करने लगा था। शायद उसे नहीं पता की जितने वाले दुनिया में आनेको पड़े है।
