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Neelam Bhaskar

Children

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Neelam Bhaskar

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बाल मन

बाल मन

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सुनीता कक्षा चार की छात्रा है। उसकी प्यारी सहेली सहेली का नाम रीता है। रीता पढ़ने में अच्छी है।एक दिन मुझे समूह गान के लिए हमारी अध्यापिका ने मुझे बुलाया। रीता भी समूह गान में प्रतिभाग करना चाहती थी। परन्तु वह मधुर आवाज में गा नहीं पाती थी।वह बहुत दुखी हुई। वह मुझसे प्रतिदिन कहती कि वह भी गाना चाहती है। मैंने उससे अभ्यास करने के लिए कहा।एक छोटी सी प्रतियोगिता हमारी अध्यापिका ने रखी। जो इसमें अच्छा गायन करेगा उसे समूह गान में रखा जायेगा। रीता ने भी प्रतिभाग किया। पर उसमें आत्मविश्वास कब है।जब वह मंच पर आती तो घबरा गई।

परन्तु मैंने उसके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उसे गाने के लिए प्रेरित किया। उसने माइक उठाया और गाना बहुत मधुर वाणी में सुनाया। निरन्तर अभ्यास से उसकी आवाज मधुर हो गरीब थी।सभी ने उसके लिए तालियां बजाती। वह विजय हुई।वह समूह गान के लिए चुन ली गयी।अब हम दोनों साथ-साथ समूह गान में जायेंगे।मैं बहुत खुश हूं। उसने मुझे धन्यवाद कहा। हमारी दोस्ती और भी मजबूत हो गयी।

संदेश- हमें अपने सभी मित्रों का साहस बढ़ाना चाहिए।एक दूसरे का आत्मविश्वास को मजबूत बनाना चाहिए।


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