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दुनिया यादों मखमल मन मुलाक़ात अहसास बांहों गुलाबी बेवक्त शिकवा हिंदी कविता होने जीवन रोने हाथों की लकीरों को तेरे नाम किये जा रही हूँ । शीश राहों मुट्ठी में सिमटी है जो तकदीरें हमारी अरसे से फ़ासलों शामिल

Hindi सिमटी Poems