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जीवन यादों अच्छी कविता ब्रह्मांड अहसास हाथों की लकीरों को तेरे नाम किये जा रही हूँ । होने ताला बिखरी सुबह नजर शिकवा मुट्ठी में सिमटी है जो तकदीरें हमारी अरसे से दुआ बेवक्त वर्तमान रोने शामिल मुलाक़ात बांहों

Hindi सिमटी Poems