STORYMIRROR

पलकें हथेली दूसरी दुनिया की एलियन ज़िन्दगी निहार मान ली में जन्म किस युग मेरे बेटे को ले गई आंख स्नेह अपनी तड़प मन तारा बनाकर रख ली ख्वाब "धरती की तो हमने तकसीम कर ली मगर क्या आसमान को भी हम बाँट पाएँगे" बेचैन जीवन ली हो तुम।

Hindi ली Poems