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नारी मूर्ती नहीं इंसान है उद्रेक दिवाली फूल अश्रू मां प्रेम खुन नजर श्वास स्त्री इंसान कोंदण मैं कोई और नहीं ममता मातृशक्ति काहूर शक्ति शृंखला हिंदी कविता

Hindi मूर्ती Poems