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शैलियों युगों युगों मलिन हुआ मखमली तन उसका एकांत तिरस्कृत सन्देश उलझन आज कीच में आ मिली। नैतिक अनैतिक आनंद समा हिन्दी कविता विरह hindikavita wordssocial आलोक निर्मल hindi kavita पवित्र हाय रे शाखा की पत्ती

Hindi मलिन Poems