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वक़्त हिन्दी कविता दर्द पिघल तरसे नुक्सान समतल बिछड़ धरती बदल मंजिल सपनों अरमानों दुनिया दामन बच्चे दिल निर्दयी प्राण भ्रष्ट

Hindi निगल Poems