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तन परवाह क्यूं चले गए इतना जल्दी परवाज चूर बंधन माँ लक्ष्य हिन्दीकविता हिन्दी कवीता कर्तव्य आसमां पापा दिया हर्ष जोश धैर्य लौट कर अधूरा ही रह गया प्रेम

Hindi नन्हे Poems