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प्रेम से दीदार बिखरने के बाद बंधन निभाएं मानवीय परंपरा तोड़ दें बेड़ियां हिंदी ग़ज़ल मुनासिब देखो-देखो तोड़ दे जोड़ जल रहा दर्द होड़ रोक तोड़ लिया गुज़ारिश पाएं शुभ परंपराएं नया जग बनाएं प्यार

Hindi तोड़ Poems