STORYMIRROR

Mukesh Tihal

Action Inspirational

4  

Mukesh Tihal

Action Inspirational

ये दर्द नहीं जायेगा

ये दर्द नहीं जायेगा

2 mins
268

क्यों भटका है मुसाफिर कहाँ तक जायेगा

इस प्रेम नगरी के अन्धकार में

तू खुद को गुम कर जायेगा

तू सितारा हुआ करता था मेरा

सोचा ना था इतना धुंधला पड़ जायेगा

वो तो ऋतु बदलने का दौर था

क्या पता तू भी इस कदर बदल जायेगा

अरे ये तो दिल्लगी का दर्द है

अब ये दर्द नहीं जायेगा


तू चला गया खुद से इतनी दूर

उस राह से कब लौट कर आयेगा

तू उसके पीछे अपने को बर्बाद पायेगा

ऐसा मुसाफिर बन तू कौन सी मंज़िल पायेगा

ढूंढे से ना मिलेगा तुझको तेरा वजूद

तू उसके इश्क़ आगोश में समा जायेगा

ये तो वो मोहब्बत है जिसमें तू फना हो जायेगा

थक - हार तू भी ये कह जायेगा

अब ये दर्द नहीं जायेगा


क्यों अटका है अब तक उधर

वहाँ तो सब कुछ अधर में पायेगा

लूटा - मिटाकर सब कुछ यहाँ क्या हासिल कर पायेगा

तू तो इधर अपने नसीब को फोड़ जायेगा

जिसका साथ तूने किया वो क्या कोमल मन है

वो भी अपने किये का हिसाब नहीं लगा पायेगा

टूटा है वो भी प्रेम डगरिया पर बहुत बार

और कस्बे में प्रेमिका बन रोता रह जायेगा

बातों ही बातों में वो भी तुझको ये कह जायेगा कि

अब ये दर्द नहीं जायेगा


ऐसा कौन सा रास्ता है जिससे लोटा नहीं जायेगा

कर ले खुद में खुद को इतना बुलंद

फिर सब प्रेम अन्धकार मिट जायेगा

जब रोशन होगा तेरा अंतरमन

तब तू खुद में खुद को आबाद कर जायेगा

हर पल संभला होगा तेरा

फिर तेरा कौन क्या कर पायेगा

जब होगा तू सच्चे गुरु की शरण

तब तेरा ये दर्द भी चला जायेगा

फिर तू इंसानों की बस्ती में

एक फ़रिश्ता बन जग - मंगायेगा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action