सूरज और चाँद
सूरज और चाँद
1 min
600
सूरज की तरह तुम
चाँद सी मैं
रहते हैं एक ही गगन में
देख नहीं पाते एक दूजे को
तुम्हारे तेज़ में
तपती हूँ मैं हर पल
तुम भी तो ठिठुरते होंगे
मेरी शीतलता से कभी-कभी....
