"भैया कैसी होगी वह स्त्री, पुत्र रत्न अपना खोकर, बस दिन अपने काट रहीं हूँ, बोझिल स्मृतियों से लड़कर, "भैया कैसी होगी वह स्त्री, पुत्र रत्न अपना खोकर, बस दिन अपने काट रहीं हूँ, बोझिल...
दिल से समर्पित यह कविता उनके लिएजो अमूल्य है मेरे लिए, अमूल्य इस दुनिया के लिएशिक्षक जो है धरती का स... दिल से समर्पित यह कविता उनके लिएजो अमूल्य है मेरे लिए, अमूल्य इस दुनिया के लिएशि...
अकेले में हमारे अंदर जो इंसान होता है, वही हमारा कैरेक्टर होता है। अकेले में हमारे अंदर जो इंसान होता है, वही हमारा कैरेक्टर होता है।
संसार पटल पर भारतीय का डंका बजायेगा।। विश्वास दो ये विश्व विजेता देगा।। संसार पटल पर भारतीय का डंका बजायेगा।। विश्वास दो ये विश्व विजेता देगा।।
उपरोक्त कविता में एक लड़की और एक तिल्ली की तुलना की गई है। मेरा यह मनना है कि कहीं ना कही एक लड़की और ... उपरोक्त कविता में एक लड़की और एक तिल्ली की तुलना की गई है। मेरा यह मनना है कि कही...
आज सज लूँ तेरे लिए, फागुन तुझे दे कर, बरसात में भीग लूँ तेरे लिए। आज सज लूँ तेरे लिए, फागुन तुझे दे कर, बरसात में भीग लूँ तेरे लिए।