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Versha Varshney

Abstract

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Versha Varshney

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क्या यही प्यार है

क्या यही प्यार है

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तेरी यादों का हसीन कारवां बना देंगे ,

दूर हैं तो क्या हुआ वफ़ा का यूँ सिला देंगे।


पल पल बिखरती जिंदगी सिर्फ तेरे हवाले,

मोहहबत की जमीन को आशियाँ बना देंगे 

चंद लम्हे जो मिले तेरे साथ सुकून के,

गिला नहीं अब हमें जिंदगी की शाम से।


यूँ तो मिला नहीं करते शमा और परवाने 

इरादों का मुक्कमल जहां बना देंगे।

तपन इरादों की मिटा देती है लौ अंधेरों की 

कब बुझी है प्यास ओस से धरती की।


वफाओं से अपनी मौत को भी हरा देंगे,

साथ तेरा यूँ ऐ जिंदगी हम निभा देंगे।

हर पल को बांधकर साथ जीने की जुस्तजू 

वक्त को चुराकर कुछ पाने की आरजू।


एहसान जिंदगी तेरा यूँ उतार देंगे,

थामकर हिम्मत का दामन उम्र गुजार देंगे।


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