STORYMIRROR

Chandramohan Kisku

Others

4  

Chandramohan Kisku

Others

किसान

किसान

1 min
274

खेत की मेढ़ पर 

दोपहर की तेज़ धूप में 

जोर से चल रही 

तेज़ गर्म हवा की तमाचे से भी 

सख्त सीधे खड़े रहते हो 

अरे वो किसान 

ग्रहण करो मेरा जोहार...


सभी तरह की मौसम में 

तुम सख्त खड़े रहते हो 

तुम्हारे लिए,

क्या दिन 

क्या अँधेरी रात 

हर वक्त, हर समय 

देह की लाल खून 

पसीने के रूप में बहाते हो 

चलो सबसे पहले 

ग्रहण करो मेरा जोहार...


सुखाड़ हो या 

बाढ़ हो 

या आसमान से वर्षा ही गिरे 

तुम पहाड़ जैसा सख्त 

खड़े रहते हो,

धरती की हृदय चीरकर 

बीज डालते हो 

खाना उपाजते हो 

और मनुष्यों के चेहरे पर 

हँसी लाते हो 

ग्रहण करो 

मेरा जोहार...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन