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Gopal Agrawal

Others Children

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Gopal Agrawal

Others Children

खत्म हो जाएगा मेरा बचपन,

खत्म हो जाएगा मेरा बचपन,

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पापा बहुत डर लगता है अकेले से,

आप कभी मुझे अकेला मत छोड़ना,

डर से खत्म हो जाएगा मेरा बचपन,

मेरे खिलौने व खेलना, कूदना दौड़ना,

आप साथ रहते हो तो अच्छा लगता है,

यह जहां सुंदर व न्यारा सा लगता है,

मेरा खिलखिलाने का मन करता है,

दोस्तों के पास जाने को दिल मचलता है,

रात होते ही मैं अकेली हो जाती हूं,

अपने कमरे में सोने जाती हूं ,

दिल डर से न जाने क्यों धड़कता है,

वहां की हर चीज से डर लगता है,

कभी घड़ी की टिक टिक तक डराती है,

अजीब सी डरावनी आवाजें आती है,

अंधेरे में सब कुछ डरावना हो जाता है,

डरती रहती हूं, कोई पास नहीं आता है,

पापा पता है आप ने मुझे मजबूत बनाया है,

हर भारी मुसीबत से लड़ना सिखाया है,

लेकिन पापा,

मैं अभी इतनी बड़ी नहीं हुई कि,

मुसीबतों का अकेले सामना कर सकूं,

आपके स्नेह के बगैर कुछ कर सकूं,

मैं तो यह कहना चाहती हूं,

आप मुझे कभी अकेला मत छोड़ना,

आपकी छत्र छाया में,

लम्बी लड़ाई के लिए हे मुझे दौड़ना


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