STORYMIRROR

shraddha shrivastava

Others

3  

shraddha shrivastava

Others

चुरा सकते हो तुम शब्द मेरे

चुरा सकते हो तुम शब्द मेरे

1 min
153

चुरा सकते हो तुम शब्द मेरे मगर मुझे कैसे चुराओगे

जिस भावना से लिखा है मैंने वो भावना कहाँ से लाओगे!!

कर लोगे वैसे तो तुम पूरा का पूरा ही कॉपी,

मगर जो आत्मा के साथ लिखा है वो आत्मा कहा से लाओगे!!

नाम भी अपना चढ़ा लोगे, मगर वो अधिकार कहा से लाओगे,

खुद के लिखे हुए पे जो सुकून जो खुशी मिलती है वो कॉपी कर के तुम भला कहाँ से पाओगे!!

चुरा सकते हो तुम शब्द मेरे मगर मुझे कैसे चुराओगे

ये शब्द ही तो है ये ऊपर भी चढ़ते है यही नीचे भी गिरा देते है,

मगर जो भी लिखना तुम वो अपने दम पर ही लिखना,

क्योंकि लिखने वाले कभी चुप नहीं होते

तुम कॉपी कर कर के थक जाओगे वो लिखते लिखते नहीं थकेंगे!!

चुरा सकते हो तुम शब्द मेरे मगर.........



Rate this content
Log in