बड़ा तो आकाश है लेकिन आश्रय धरा ही देती है बड़ा तो सागर है लेकिन प्यास नदी ही बुझाती है ! बड़ा तो आकाश है लेकिन आश्रय धरा ही देती है बड़ा तो सागर है लेकिन प्यास नदी ही...
उसकी तुलना होती है, जैसे वस्तु, उसके वस्त्र से, उसके रंग से, उसकी जाती क्या है, केसी औरत पहचानी ज... उसकी तुलना होती है, जैसे वस्तु, उसके वस्त्र से, उसके रंग से, उसकी जाती क्या है...
इस बेटी को आखिर न्याय देने वाला कौन है। इस बेटी को आखिर न्याय देने वाला कौन है।
इस क़दर चुप लगाते हुये कि, खुद से भी बात करने की, हिम्मत नहीं पड़ती । इस क़दर चुप लगाते हुये कि, खुद से भी बात करने की, हिम्मत नहीं पड़ती ।
आज एक चेहरा दिखा जाना पहचाना कई वर्षों बाद। आज एक चेहरा दिखा जाना पहचाना कई वर्षों बाद।
मुझे अपने गंजेपन का नहीं बल्कि दुनिया के तानों का करना है सामना। मुझे अपने गंजेपन का नहीं बल्कि दुनिया के तानों का करना है सामना।