बचपन #2सफ़्ताह 10/12/2019
बचपन #2सफ़्ताह 10/12/2019
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बचपन की यादों में,
रंगबिरंगे गुड़िया
के गुलाबी-गुलाबी बाल,
खाते हम बच्चे,
मुंह में रखते हो जाते
ग़ायब,
गुड़िया के गुलाबी,
गुलाबी बाल उछलते,
कूदते धूल उड़ाते,
हम बच्चे,
एक दिन भय्या, से कहा
हम भी बनाते है,
गुड़िया के बाल...
भय्या ने समझाया,
मुन्नी तुम अपनी ज़िद छोड़ो,
मुन्नी अम्मा से पैसे लेकर,
मिठी गोली ले आई,
भय्या मुझे बना दो न
गुड़िया के गुलाबी-गुलाबी
बाल...
