Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
जब भी चला मैं मधुशाला
जब भी चला मैं मधुशाला
★★★★★

© Indraj Pushpa

Others

1 Minutes   6.8K    5


Content Ranking

उस गुमनाम चेहरे की याद में
जब भी चला मैं मधुशाला
ना वो चेहरा याद रहा
वो बातें भी भूल गया
बस याद रहीं थी मुझे
वो मेरी प्रियतम मधुशाला

उसकी यादों के रुदन में
जब भी चला मैं मधुशाला
ना वो आंसू याद रहे
ना वो बेवफाई का जख्म
बस याद रही थी मुझे
वो मेरी प्रियतम मधुशाला

उसकी बेरुखी के दर्द में
जब भी चला मैं मधुशाला
ना वो तनहाई याद रही
ना वो बेरुखी का दर्द
बस याद रही थी मुझे
वो मेरी प्रियतम मधुशाला

मेरी मधुशाला का आलम तो देखो
आंसू से जा मिली छलकते जाम की बूंदें
जब टकराए मेरे जाम से उनके जाम
तन्हाई से जा मिली छलकते जाम की बूंदें

मेरी मधुशाला का आलम तो देखो
चेहरे भी याद आये कुछ हाथों में जाम लिए
जब वो लहराए थे इस कदर हमपर
बेरुखी से जा मिली छलकते जाम की बूंदे

तेरे दर्द ने जो बर्बाद हमें तो किया
फिर भी बहार लाई मेरी मधुशाला
तुम तो बेवफा निकल ही गए
वफ़ा भी साथ लाई मेरी मधुशाला

प्यार तन्हाई बेवफाई मधुशाला कविता हिंदी

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..