ये पल नहीं अमृत बूँदें हैं मैं वक्त बेवक्त पी लेती हूँ। ये पल नहीं अमृत बूँदें हैं मैं वक्त बेवक्त पी लेती हूँ।
दिल की बात कहाँ किसी से बयां हो पाती है, दिल की बात कहाँ किसी से बयां हो पाती है,
जरा इस आदमी को जगाओ। वक्त पर जगाओ, जरा इस आदमी को जगाओ। वक्त पर जगाओ,
कुछ पन्ने खाली ही अच्छे हैं जिनमें उस कलम की, नोक नहीं चली... कुछ पन्ने खाली ही अच्छे हैं जिनमें उस कलम की, नोक नहीं चली...
काफी कुछ पाया पर अपना कुछ नहीं माना, क्योंकि एक दिन राख में मिलना है ये जानता हूँ। काफी कुछ पाया पर अपना कुछ नहीं माना, क्योंकि एक दिन राख में मिलना है ये जानता...
वक्त ने,उस वक्त को इस कदर संभाला , कि वो वक्त , अब बेवक्त हो गया। वक्त ने,उस वक्त को इस कदर संभाला , कि वो वक्त , अब बेवक्त हो गया।