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अमर मंदिर कविता व्यथा मन खुद के अन्दर ही जन्न खुद को जानो दिल बंद समंदर शब्द ख़ुद खो जीवन आइना लिखता एक रात का समन्दर दफन है जहन के अन्दर हताशा निराशा रूठे पसंद

Hindi अन्दर Poems