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दुःख समंदर शब्द बंद अमर कविता रूठे दस्तक खुद के अन्दर ही जन्न ख़ुद जीवन एक रात का समन्दर दफन है जहन के अन्दर खो लिखता खुद को जानो हताशा निराशा व्यथा मंज़िल पसंद गुरुद्वारा

Hindi अन्दर Poems