दिल से समर्पित यह कविता उनके लिएजो अमूल्य है मेरे लिए, अमूल्य इस दुनिया के लिएशिक्षक जो है धरती का स... दिल से समर्पित यह कविता उनके लिएजो अमूल्य है मेरे लिए, अमूल्य इस दुनिया के लिएशि...
बिखरे हुए खयालों को बांधना चाहता हूं, रिश्ते को अपने नाम देना चाहता हूं। बिखरे हुए खयालों को बांधना चाहता हूं, रिश्ते को अपने नाम देना चाहता हूं।
दुुआ यह ईक हमारा है, बनी हो चाँदनी की तुुम कहाँ कोई तुमसा प्यारा है। दुुआ यह ईक हमारा है, बनी हो चाँदनी की तुुम कहाँ कोई तुमसा प्यारा है।
समझ गए थे संभल गए थे सुख की नींद को लेना है कुछ लिखना है समझ गए थे संभल गए थे सुख की नींद को लेना है कुछ लिखना है
खुद से लडूंगा तो शायद कुछ सीख पाऊंगा। खुद से लडूंगा तो शायद कुछ सीख पाऊंगा।
आओ न घूल कर इक होते हैं, सनम जान से ऐसे ऐसे नहीं रूठते हैं। आओ न घूल कर इक होते हैं, सनम जान से ऐसे ऐसे नहीं रूठते हैं।