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सोनी गुप्ता

Children Stories Action Fantasy

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सोनी गुप्ता

Children Stories Action Fantasy

विद्यार्थी जीवन की यादें

विद्यार्थी जीवन की यादें

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विद्यार्थी जीवन में दुनिया लगती थी बड़ी निराली

बड़े हुए तो लगता है जीवन में रहा कुछ तो खाली


दोस्तों से लड़ना, झगड़ना फिर मेलजोल कर लेना

अब लड़ जाए तो सोच समझ में भी हो गई कंगाली


पहले अमन चैन से दमक उठता था हर कोना कोना

आज दोस्त नहीं गली नुक्कड़ लगते हैं खाली खाली


पढ़ाई के साथ मौज -मस्ती यही होता था दिन भर

जिम्मेदारियाँ आई लगता जीवन जैसे हो गया जाली


विद्यालय में प्यार- भाईचारे से रहते हम दोस्त सारे

अब हम दोस्तों के ठहाकों जैसी कहाँ बजती है ताली


विद्यालय से आते वक्त जाने कितने तोड़ दिए थे पौधे

आज भी वहाँ से गुजरो तो घूर घूर देखता हमें माली


अब तो रोजाना दफ्तर बस दिन भर का यही झमेला 

विद्यार्थी जीवन छूट गया जैसे सब लगता है खाली


कक्षा का मॉनिटर बनकर सब पर रोब जमाता था 

समय बदल गया और आज बॉस की सुन रहता गाली



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