Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Ravi Purohit

Others

3  

Ravi Purohit

Others

सुन रे मन

सुन रे मन

1 min
373


एहसासों के पंछी

अनुराग की मुंडेर पर

आखिर कब तक गायेंगे

कामनाओं के मंगल गान

इच्छाओं के बादलों में

दामिनी की तड़तड़ाहट

विश्वास की बही में फैले 

कटे अंगूठों के जंगल में

समझौतों की सलीबों पर टंगे 

संबंधों की सरगम

कब तलक बजेगी

वेदनाओं के राजमार्ग पर


सुन रे मन!

तू समझता क्यों नहीं!!


कभी पीले पत्ते-सी जिंदगी

कभी भूरे के सूखेपन की खड़खड़

लाल कौंपल मुस्करा देती है कहीं चुपके-से

कभी जामुनी शर्माता है

पलकों की ओट से,

कैसे कहूँ रे हरियल !

काश! तू भी मुस्करा दे एक बार

तो जी लूँ तेरी जीवनदायक छांव।


सुन रे मन!

आ मन से मिल।


Rate this content
Log in